Monday, November 29, 2010

बाबा रामदेव के खिलाफ मानहानि का केस


अलीगढ़। योग गुरु बाबा रामदेव के नुमाइश मैदान में चल रहे बयान को आधार बनाकर शहर के अधिवक्ता ने उनके खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की है। सीजेएम श्याम लाल कोरी ने अगली सुनवाई के लिए नौ दिसंबर की तारीख दी है। क्वार्सी क्षेत्र के मोहल्ला सुरेंद्र नगर निवासी अनूप कौशिक पेशे से वकील हैं। उन्होंने 26 नवंबर को सीजेएम कोर्ट में योग गुरु के खिलाफ अपराध को छिपाने के आरोप में याचिका दी थी। कोर्ट ने इस पर तीन दिसंबर की तारीख भी दी है। कौशिक ने ही मानहानि की याचिका दी है। याचिका में कहा है कि वह 27 नवंबर को नुमाइश मैदान में आर्यवीर दल के प्रांतीय सम्मेलन में अपने मित्रों के साथ शामिल हुए थे। उनकी पूर्व में दी गई याचिका के बारे में बाबा ने टिप्पणी की कि 'प्रार्थी अनुलोम-विलोम करे, प्रार्थी जैसा व्यक्ति ऋषि पुत्र नहीं हो सकता।' यह जानबूझकर अपमानित करने व झूठे लांछन लगाने का अपराध है। सीजेएम ने याचिका स्वीकार कर बन्नादेवी थाने से अगली सुनवाई तक इस संबंध में रिपोर्ट मंगवाई है।क्या था पूर्व याचिका में:-अनूप कौशिक ने अपनी 26 नवंबर को दी गई याचिका में बाबा के 18 नवंबर को गोंडा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान को आधार बनाया था। इसमें बाबा के एक मंत्री के रिश्वत मांगने के प्रकरण की शिकायत दर्ज न कराने के मामले को आधार बनाया था। इसे अपराध की जानकारी होने पर भी छुपाने का क्राइम बताया था। सीजेएम कोर्ट में तीन दिसंबर को इसकी सुनवाई होनी है।

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