अञ्जुको सम्बन्ध बिच्छेद !

अञ्जुले मनोजसँग सम्बन्धबिच्छेदका लागि एक कानुन ब्यबसायीसँग परामर्श गरिरहेकी छन् ।

टीचर के टॉपलेस फोटो ने मचाया तूफान

ब्रिटेन के नामी हैरो स्कूल की एक आर्ट टीचर के टॉपलेस फोटो ने तूफान मचा दिया है। आर्ट टीचर जोएन सैली के ये उत्तेजक फोटो स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

सेक्स डॉल ने बढ़ा दी सायरस की परेशानी!

किसी की लोकप्रियता और खूबसूरती का इससे भद्दा इस्तेमाल और क्या हो सकता है कि उसके नाम और पहचान पर सेक्स डॉल की बिक्री शुरु कर दी जाए।सिंगर माइले साइरस के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है।

अब नही देख पाएंगे पोर्न साइट्स

चीन में 62 ऐसी वेबसाइटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है

लांच हुआ दुनिया की सबसे बड़ी साइज का ब्रा

ब्रिटेन की एक कंपनी ने दुनिया की सबसे बड़ी साइज का ब्रा लांच किया है।

Friday, December 9, 2016

This Bollywood Diva Shared A Rare Pic With Jayalalithaa. Post Goes Viral!


This Bollywood Diva Shared A Rare Pic With Jayalalithaa. Post Goes Viral! After the demise of Tamil Nadu Chief Minister J Jayalalithaa social media platforms were flooded with the condolence messages and tributes. After the demise of Tamil Nadu Chief Minister J Jayalalithaa social media platforms were flooded with the condolence messages and tributes. Among many tributes paid to her, Sridevi paid tribute to her a special way by sharing an old film still of herself with Jayalalithaa. Sridevi posted a still from a 1971’s Tamil devotional film Aathi Parashakti, in which Jayalalithaa played lead role and Sridevi appeared as child artist in the film as Lord Murugan. It was the only film in which Sridevi and Jayalaithaa worked together. Jayalalithaa demised on December 5 in a Chennai hospital after a prolonged illness. She was a successful actress before she turned into politician and became chief minister of Tamil Nadu. Jaya had worked in over 140 films. Here is the photograph shared by Sridevi on twitter: SRIDEVI BONEY KAPOOR ✔ @SrideviBKapoor The most articulate dignified,cultured & caring lady, lucky to have worked with her. I Along with millions of our people will miss her.

इंटरनेट पर वायरल हो गया 'बेवॉच' का ट्रेलर, देखिए प्रियंका चोपड़ा का नेगेटिव अवतार!!


काफी समय से बॉलीवुड फिल्मों से दूर देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा की पहली हॉलीवुड फिल्म ‘बेवॉच' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस ट्रेलर में प्रियंका बहुत ही कम समय के लिए नजर आई पर इस कम समय में ही वह सेक्सी लुक में नजर आ रहीं है। आपको बता दें कि यह फिल्म 1990 की टीवी सीरीज 'बेवॉच' पर बनाई गई है। प्रियंका ने जहां अमेरिकी धारावाहिक ‘क्वांटिको’ के लिए वाहवाही लूटी है, वहीं अब वह इस फिल्म में नेगेटिव भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में प्रियंका के साथ ड्वेन जॉनसन और जैक एफ्रोन जैसे कलाकार हैं। ‘हॉरिबल बॉसेस’ से नामी फिल्म डायरेक्टर सेठ गॉर्डन फिल्म का डायरेक्शन कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल 26 मई को रिलीज होगी और अब तक 3.5 लाख से ज्यादा लोग इस ट्रेलर को देख चुके हैं। To watch video you can see in youtube as"baywatch trailer"

व्हाट्स एप लेकर आया दो नए फीचर, क्या आपने किया ट्राई ?


व्हाट्स एप ने अपने एंड्रॉइड वर्जन में दो नए फीचर शुरु किए हैं। इनमे से पहला फीचर वीडियो स्ट्रीमिंग है और दूसरा एनिमेटेड जिफ इमेज का है। यह फीचर पहले सिर्फ व्हाट्स एप के बीटा वर्जन यूजर के लिए उपलब्ध था लेकिन अब यह सभी एंड्राइड यूजर्स के लिए भी होंगे। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर से व्हाट्स एप का अपडेटेड वर्जन डाउनलोड कर लें। जाने क्या है इन फीचर्स में इस फीचर में आपको वीडियो देखने के लिए वीडियो के पूरा डाउनलोड होने का इंतजार नही करना पड़ेगा। आप रिसीव किए गए वीडियो को डाउनलोड होने के दौरान ही देख सकेंगे। व्हाट्स एप में अब डाउनलोड की जगह प्ले का बटन होगा। इसके अलावा अब एंड्रॉइड पर व्हाट्स एप ऐनिमेटेड GIF तस्वीरों को भी सपॉर्ट कर रहा है। व्हाट्स एप यूजर्स अपनी गैलरी से GIF फाइल को अटैच करके भेज सकते हैं या फिर किसी और से आई तस्वीर को भी फॉरवर्ड कर सकते है।

मां ने ठंड में मरने के लिए फेंका, अब सात समंदर पार मिला नया जीवन !!!!!


दरभंगा के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से एक मासूम को ब्रिटिश दंपती ने गोद लिया। मासूम को असली मां ने ठंड में मरने के लिए फेंक दिया था। लेकिन, उसे सात समंदर पार नया जीवन मिला है। मासूम नवजात को उसकी मां कड़ाके की ठंड में कचरे की ढ़ेर पर छोड़ गई थी। अब उसे सात समंदर पार नई मां मिल गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में 16 महीने की शालू को भारतीय मूल के ब्रिटिश दंपती हर्कीन कौर खाल्या व जगजीत सिंह खाल्या ने गुरुवार को गाेद लिया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उन्हें बच्ची को सौंपा। गोद लेनेवाले इंगलैंड की नागरिकता ग्रहण कर वहां के निवासी बन गए हैं। शादी के 15 साल बाद भी कोई संतान नहीं होने के कारण उन्होंने बच्ची को गोद लिया है। यह पहला मौका है जब दरभंगा के दत्तक ग्रहण संस्थान से कोई बच्ची किसी विदेशी परिवार ने गोद ली है। बच्ची की नई मां हर्कीन कौर कॉस्टयूम डिजाइनर हैं तो पिता जगजीत सिंह बीबीसी न्यूज में कार्यरत हैं। उन्होंने × गाेद लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दो वर्ष पहले कराया था। जांच के बाद उन्हें गोद लेने के योग्य पाया गया।

Thursday, December 8, 2016

60 के दशक में जब शर्मिला ने दिए बिकिनी पोज!!!!


फिल्मफेयर मैगजीन के क
वर पर ऐसा था शर्मिला टैगोर का अंदाज। फिल्मफेयर मैगजीन के कवर पर ऐसा था शर्मिला टैगोर का अंदाज...... आज के दौर पर बिकिनी और स्विमसूट पहनना आम बात हैं,लेकिन 60 से 80 के दशक में बेहद कम एक्ट्रेस बिकिनी पहने कैमरे में आने के लिए तैयार होती थी। 60 के दशक में शर्मिला टैगोर पहली बार बिकिनी पहन दर्शकों के सामने आईं। शर्मिला का ऐसा अंदाज दर्शकों को रास नहीं आया और वह विवादों में फंस गईं।बनीं पहली बिकिनी गर्ल... साल 1966 में फिल्मफेयर मैगजीन के अगस्त इशू के कवर पेज पर शर्मिला बिकिनी पहनी नजर आईं। भारतीय दर्शकों ने किसी एक्ट्रेस को पहले बार बिकिनी में पोज देते देखा,तो बवाल मच गया। कॉन्ट्रोवर्सी इतनी बढ़ गई कि संसद में भी यह मुद्दा उठाया गया। बता दें,शर्मिला अपने दौर की ऐसी पहली ऐसी एक्ट्रेस रही हैं,जिन्होंने किसी मैगजीन के लिए बिकिनी फोटोशूट करवाया था। इतना ही नहीं वह फिल्मफेयर मैगजीन के लिए बिकिनी पोज देने वाली भी पहली इंडियन एक्ट्रेस बनीं। पर्स से निकाले कपड़े और किया शूट बताया जाता है कि जब शर्मिला फोटोशूट के लिए स्टूडियो पहुंचीं तो फोटोग्राफर धीरेन चावड़ा ने उनसे पूछा कि वे शूट पर क्या पहनने वाली हैं। तब शर्मिला ने अपना टू-पीस फ्लोरल स्विमसूट पर्स ने निकाला और कहा कि इसमें फोटोशूट करवाऊंगी। शर्मिला देश की पहली ऐसी एक्ट्रेस बनीं,जो टू-पीस बिकिनी में मैगजीन कलर पर दिखीं। कुछ ही दिनों में यह कवर वायरल हो गया और इससे जुड़े विवाद बढ़ते गए। मिला कॉन्ट्रोवर्सी का फायदा... 1966 शर्मिला के करियर में नील का पत्थर साबित हुई। इस साल उनकी 5 फिल्में(अनुपमा,देवर,सावन की घटा,नायक,ये रात फिर न आएगी)रिलीज हुई। पांचों फिल्में में बेहतरीन परफॉर्मेंस सराही गई। सुनने पड़े थे लोगों के ताने कुछ सालों पर जब इसी फोटोशूट से जुड़ा सवाल शर्मिला से किया गया तो उन्होंने कहा था,"हे भगवान!हमारा समाज उस वक्त बहुत रूढ़िवादी था!मुझे कोई आइडिया नहीं कि मैंने ऐसा क्यों किया?कुछ ने मुझे ताने सुनाए तो बाकियों ने जबरदस्त लाइमलाइट बटोरने का आरोप लगाया। मुझे इससे नफरत है। उस वक्त मैं जवान थी और कुछ नया और एक्साइटिंग करना चाहती थी।"

Sunday, August 11, 2013

न्यूड टूरिज्म, जहां यात्रा करने वाले सभी लेते हैं ट्रैवलिंग का मजा कपड़े उतारकर!

ट्रेवलिंग किसे पसंद नहीं होती और हर कोई अपने बिजी शेड्यूल में से वक्त निकालकर घूमने-फिरने जाने की चाहत रखता है। एक तो इससे मन फ्रेश होता है, दूसरा देश और दुनिया को जानने और यह समझने का मौका मिलता है इससे कि दुनिया की कितनी हसीन है। इसके लिए हम बहुत तैयारियां भी करते हैं और कई हफ्तों पहले से प्लानिंग की वहां कहां ठहरेंगे और वहां क्या खाएंगे और कपड़े कौन से रख लिए जाएं जो हम वहां पहनेंगे।
मजे की बात यह है कि इसके लिए अमेरिकन एसोसिएशन फॉर न्यूड रिक्रिएशन जैसी संस्थाएं भी काम करती हैं। और बताया जाता है कि इससे उन्हें काफी मुनाफा होता है।

 
इस न्यूड टूरिज्म पैकेज में 2974 यात्रियों को जाने की इजाजत होती है, जो नंगे होकर अपनी यात्रा को एंजॉय कर सकते हैं।
यह क्रूज कार्निवाल क्रूज की तरह ही होता है, जिसपर ये यात्रा करते हैं। इसमें तीन पूल्स, जॉगिंग ट्रेक और डांस क्लब भी होता है। अमेरिका में नेन्सी टाइमेन इस न्यूड टूरिज्म इंडस्ट्री की संचालक हैं। जो बड़े से बड़े क्रूज का इंतजाम इस यात्रा के लिए करती हैं। क्योंकि लोगों में इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। 

न्यूड टूरिज्म, जहां यात्रा करने वाले सभी लेते हैं ट्रैवलिंग का मजा कपड़े उतारकर!
इसके अलावा छोटे न्यूड क्रूज भी इसके लिए होते हैं जो ग्रीक आईलैंड, क्रोशिया और इटेलियन व फ्रेंच रिविऐरा में भी मिलते हैं। लेकिन जब अपनी यात्रा के दौराना इजिप्ट जैसी जगहों पर पिरामिड आदि के पास जाते हैं, तब उस जगह के कल्चर के अनुरूप इन्हें कपड़ेे पहन लेने पड़ते हैं।

इन न्यूडिस्ट का कहना है कि वे इस तरह की अनूठी यात्रा का हिस्सा इसलिए बनते हैं कि वे मानते हैं कि हरेक का तन सुंदर है और इसे दूसरों के सामने खोलने में कोई शर्म नहीं होती। 
वहां भी वे एक दूसरे के साथ बड़े ही दोस्ताना ढंग से पेश आते हैं और एक-दूसरे से खुलकर मिलते हैं। साथ ही वे अपने इस न्यूडिज्म को किसी के और जबरन नहीं थोपते और जहां इसकी मान्यता नहीं है वे वहां उसी कल्चर के अनूरूप कपड़े भी पहन लेते हैं।
इस तरह की न्यूड यात्रा की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इससे न्यूड टूरिज्म इंडस्ट्री ने पिछले साल 50,000 यू.एस डॉलर की कमाई की बात कही है।





डेढ़ करोड़ की व्हिस्की

शराब जितनी पुरानी हो उतनी अच्छी होती है और उसी लिहाज से उसकी कीमत भी ज्यादा होती है ऐसा पीने वालों का कहना है। फिर भी 64 साल पुरानी व्हिस्की की दो बोतलों के लिए आखिर कितनी कीमत ठीक मानी जा सकती है..दस हजार.. पचास हजार..एक लाख..दस लाख या फिर पूरे..डेढ़ करोड़!
जी हां! व्हिस्की पीने के शौकीन दो लोगों ने ग्लासगो में डलमोर 64 ट्रिनिटास व्हिस्की की दो बोतल पूरे दो लाख पौंड (लगभग डेढ़ करोड़ रुपये) खर्च करके खरीदी। आज से लगभग 64 साल पहले व्हिस्की की ये तीन बोतलें तैयार की गईं थीं, जिनमें से फिलहाल दो बोतलें ही बेचीं गई हैं। तीसरी बोतल बाद में बेचीं जायेगी। खरीदारों में एक अमेरिकन तो दूसरा ब्रिटिश नागरिक है।

जादुई गोली से जी सकेंगे 150 साल

150 years
जादुई गोली से जी सकेंगे 150 साल
मेलबर्न। तरह-तरह के उत्पाद अपने विज्ञापनों में बढ़ती उम्र को रोकने और जवान बनाए रखने के दावे करते हैं। अगर सबकुछ ठीक रहा तो वह दिन दूर नहीं जब यह दोनों ही हसरतें पूरी हो जाएंगी। शोधकर्ताओं ने एक ऐसी दवा बनाने का दावा किया है जिससे व्यक्ति 150 साल जी सकेगा। उनका कहना है कि बढ़ती उम्र के लक्षणों से मुकाबला करने में सक्षम यह दवा पांच साल के अंदर बाजार में मौजूद होगी।
अध्ययन के मुताबिक मानव शरीर में एक खास एंजाइम को निशाना बनाया जाएगा, जो बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों को रोकेगा और लंबी आयु प्रदान करेगा। यह शोध विज्ञान पत्रिका जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अकेले एंजाइम पर 117 दवाओं के परीक्षण के बाद यह दावा किया गया है। उनके मुताबिक यह दवा कैंसर, अल्जाइमर और टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियों को रोकने में सक्षम होगी। प्रमुख शोधकर्ता यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के प्रोफेसर डेविड सिनक्लेयर ने कहा, आजकल की दवाओं के विपरीत यह 20 अन्य रोगों की रोकथाम करेंगी। मगर अंत में एक दवा एक रोग का इलाज करेगी।

इंटरनेट कैफे में बिताए छह साल

cyber cafe
इंटरनेट कैफे में बिताए छह साल
शंघाई। खाली समय में कंप्यूटर गेम में वक्त बिताने वाले तो कई लोग मिल जाएंगे लेकिन एक सज्जन ने इस मामले में रिकॉर्ड कायम किया है।
कंप्यूटर गेम का दीवाना यह व्यक्ति पिछले छह वर्षो से एक ही इंटरनेट कैफे की एक ही कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार कंप्यूटर गेम में व्यस्त है। यह कैफे में ही रहता है और अपनी सीट पर ही खाता-पीता है। यह रात भर कंप्यूटर गेम में मशगूल रहता है और दिन में स्क्रीन के सामने ही सोता है। केवल नित्यकर्म के दौरान ही उसका मॉनीटर बंद रहता है। इस संबंध में कैफे मालिक का कहना है कि उसकी वजह से स्टाफ में कभी किसी को दिक्कत नहीं होती क्योंकि वह केवल तकनीकी खराबी के दौरान ही बातचीत करता है। हर महीने समय पर उसका पूरा बिल भी जमा हो जाता है।

दीवार करेगी बात

वाशिंगटन। इंटरनेट के आदी लोगों के लिए अब नई तकनीक किसी वरदान से कम नहीं। दिन-रात ऑनलाइन रहने वाले लोगों के लिए अब घर की सारी दीवारें ही किसी स्क्त्रीन की तरह काम करेंगी। इन दीवारों पर आप ऑनलाइन स्क्त्रीन की तरह काम कर सकते हैं। इस वॉल पर फेसबुक अपडेट से लेकर आदमकद आकार में मित्रों से लाइव चैटिंग भी होगी।
एक स्पैनिश डिजाइन एजेंसी थिंक बिग फैक्टरी के निदेशक क्यूरस मॉन्स ने बताया कि इस ओपनआर्च प्रणाली का हार्डवेयर पूरी तरह से बनकर तैयार है लेकिन सॉफ्टवेयर पर चालीस फीसद काम ही पूरा हुआ है। यह स्पेनिश एजेंसी ही इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अपने घर की इस डिजिटल दीवार को ऑनलाइन गतिविधियों के लिए आप कहीं से भी नियंत्रित कर सकते हैं। बोल कर या किसी शारीरिक गतिविधि से आप अपने निर्देशों को नियंत्रित कर सकते हैं। घर की हर चीज को संचार माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इस सबको चलाने के लिए घर में एक व्यक्ति की मौजूदगी जरूरी होगी। घर के किसी भी कोने से स्काइप को शुरू करते ही आप इस तकनीक की मदद से हाथ के इशारे से घर की बत्तियां जला-बुझा सकते हैं। किसी घरेलू उपकरण को ऑन कर सकते हैं और संगीत भी सुन सकते हैं। क्यूरस का कहना है कि ऐसा घर दिखने में कुछ अलग नहीं होगा। लेकिन तकनीक की मदद से दीवारें वो काम करेंगी जो आप अपने लैपटॉप, कंप्यूटर या मोबाइल स्क्त्रीन पर करते हैं। आप अपने लिविंग रूम में दीवारों पर सोशल नेटवर्किग साइट से लेकर मैग्जीन सर्फ करने से लेकर वीडियो गेम तक खेल सकते हैं। माइक्त्रोसाफ्ट के किनेक्ट कैमरे के जरिए प्रोटोटाइप तकनीक व्यक्ति की गतिविधियों को कैद करती है और उसके हिसाब से ही घर के अंदर दिशा-निर्देशों का संचार करती है। इस प्रणाली में प्रोजेक्टरों और सेंसरों की मदद से दीवार को स्क्त्रीन में परिवर्तित किया जाएगा।

पूंछ वाला बच्चा

दुनिया में जाने कितने तरह के लोग होते हैं पर मूल बनावट हर किसी की एक सी होती है। आप अफ्रीका जाओ या अमेरिका, यूरोप जाओ या ऑस्ट्रेलिया, काले-गोरे, नाटे-लंबे कई तरह के लोग मिलेंगे पर शारीरिक बनावट सबकी एक सी होती है। सबकी सूरतें अलग-अलग, हाव-भाव अलग हैं पर फिर भी सभी एक से दिखते हैं। जैसे दुनिया के किसी भी कोने में चले जाओ तीन आंखों वाला इंसान नहीं मिलेगा। किसी का भी दो सिर नहीं होगा, चार या छ हाथ नहीं होंगे, तीन पैर नहीं होंगे। हालांकि कभी-कभार अपवाद भी हो जाया करते हैं।
भारत के पंजाब प्रांत के फतेहपुर में एक 12 वर्षीय बच्चा ऐसा ही एक अपवाद है। चौंकिए मत, उसकी आंखें, सिर, हाथ-पैर सब आपकी ही तरह हैं पर हां, शरीर का एक हिस्सा इंसान के शुरुआती दौर की बात याद कराता है, यानि आदिम मानव। अपने विकास के शुरुआती दौर में इंसान बंदर माने जाते हैं और उनकी पूंछ हुआ करती थी। हालांकि धीरे-धीरे इस पूंछ की लंबाई घटते-घटते इंसानी शरीर से पूरी तरह लुप्त हो गई। पर आज भी किसी-किसी में अवांछित रूप से इसका विकास हो जाता है। फतेहपुर के इस 12 वर्षीय अरशद अली के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। अरशद अली की पूंछ है।
डॉक्टरी भाषा में इसे मेनिंगोसिले नामक बीमारी के नाम से जाना जाता है पर आम लोग इसे कुछ और ही मान रहे हैं। खबरों के अनुसार पूंछ होने के साथ ही अरशद की पीठ पर हनुमान की तरह 9 पवित्र निशान भी हैं। इसके अलावे भी पैरों के तलवों पर पद्म निशान और बायीं बांह पर सीता और कड़े का निशान है। 15 फरवरी, 2001 को जन्मा अरशाद लोगों के लिए हनुमान का रूप और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला बच्चा है। लोग उससे आशीर्वाद लेने आते हैं। पर अरशाद की अपनी जिंदगी बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। अरशाद के पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसकी मां दूसरी शादी कर अपने पति के साथ रहती है। बचपन से अकेलेपन का दंश झेल रहा अरशद अपने नाना के साथ रहता है।
उसके नाना ही उसकी देखभाल करते हैं। इस अनचाही पूंछ के कारण अरशाद को चलने, उठने-बैठने में दिक्कत होती है। उसके नाना ने डॉक्टरों से जब इसे हटाने के लिए ऑपरेशन की बात की तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन से अरशाद की जान को खतरा बताया। सातवीं कक्षा का छात्र अरशाद, लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनकर इस पूंछ के साथ ही अपनी संघर्षमय जिंदगी जीने के लिए मजबूर है।

अजूबा है यह नज़ारा

आप इसे दुनिया का सबसे बड़ा ट्रक कह सकते हैं। यह किसी आम पावर वैगन से 8 गुना बड़ा है। इसकी कैबिन में 4 बेडरूम हैं। इस अनोखे ट्रक को अबू धाबी के शेख म्यूज़ियम में रखा गया है।


वैसे कहा तो जा रहा है कि केले का यह अनोखा बंच ताइवान में देखा गया है, जिसमें 3600 केले लगे हैं।
आसमान में डिनर करना भला कौन नहीं पसंद करेगा और इसी सपने को सच किया है बेल्जियम ने। इस 'डिनर इन द स्काई' में कुल 22 गेस्ट एकसाथ बैठकर खाना खा सकते हैं। बेल्जियम जाने का मौका मिले तो यहां जरूर जाएं।



Tuesday, August 6, 2013

एक ऐसी बिल्डिंग जो गाती है


जर्मनी की यह बिल्डिंग गाती है यहां रहने वाले इंसान नहीं। इसपर लगे इन सैक्सोफोननुमा पाइपों में से बहती है संगीत की धार... कैसे? 
इस बिल्डिंग पर जब भी बारिश की बूंदें गिरती हैं, तो इसमें से निकलता है मधुर संगीत...
जर्मनी के ड्रेसडन में बसी है यह बिल्डिंग। स्टूडेन्ट्स एरिया में बनी यह बिल्डिंग लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

इस बिल्डिंग पर लगे ये पाइप बिल्कुल ऐसे लगते हैं जैसे कोई म्यूज़िकल इन्स्ट्रूमेन्ट नहीं है। पर हैं क्या? 
नहीं-आर्ट के इस बेहतरीन एग्जाम्पल को तीन लोगों ने मिल कर डिजाइन किया है।नहीं। ये सचमुच म्यूज़िकल इन्स्ट्रूमेन्ट्स नहीं हैं। ये तो इस बिल्डिंग के ड्रेन और गटर हैं। है न कमाल?

उन्होंने सोचा, ड्रेन तो बनाने ही हैं। तो क्यों न उन्हें कुछ ऐसे बनाया जाए कि वह सब से अलग हों। और नतीजा, आपके सामने है...
इन छोटे-छोटे पाइपों से जब पानी इस बड़ी पाइप में गिरता है, तब छूटता है संगीत और आस-पास बहने लगता है..
इन ड्रेनेज पाइप्स को शक्ल भी ऐसी ही दी गई है मानो ये म्यूज़िकल इन्स्ट्रूमेन्ट्स हों...


इन पाइपों और गटरों को आपस में ऐसे जोड़ा गया है कि एक का पानी निकल कर सीधा दूसरी में जाता है।
कला का अद्भुत नमूना है यह बिल्डिंग.

ऐंजलीना को गिफ्ट में प्राइवेट जेट



लंदन।। हॉलिवुड ऐक्टर ब्रैड पिट के बारे में खबर है कि वह अपनी हमसफर ऐंजलीना जोली के लिए एक निजी विमान खरीदना चाहते हैं।

'कॉन्टैक्ट म्यूजिक' के अनुसार, हॉलिवुड ही नहीं दुनिया भर में चर्चित यह ऐक्टर-ऐक्ट्रेस जोड़ा आजकल एक-दूसरे के पास रहने के लिए पूरा टाइम नहीं निकाल पा रहा है। इसकी वजह यह है कि 38 साल की खूबसूरत और काबिल ऐक्ट्रेस जोली अपने निर्देशन में बन रही फिल्म 'अनब्रोकन' को लेकर बेहद व्यस्त हैं।

वैसे जोली के पास पायलट का लाइसेंस है। ऐसे में ब्रैड द्वारा उन्हें जेट गिफ्ट करना बढ़िया सोच ही कही जाएगी। पास में निजी विमान होने से दोनों एक-दूसरे से जल्दी-जल्दी मिल सकेंगे।
Angelina Jolie with Brad Pitt

पाकिस्तान का सलमान,सलमान खान का डुप्लिकेट

Salman-Khan-duplicate
सलमान खान को 
अब अगर बॉडी डबल की जरूरत पड़े, तो शायद वह पाकिस्तान जाना चाहें! दरअसल, पाकिस्तान के सियालकोट जिले के हसनैन सलीम इन दिनों इंटरनेट पर चर्चा का विषय बने हुए हैं और इसकी वजह उनका बॉलिवुड ऐक्टर सलमान खान के जैसा दिखना है। हसनैन न सिर्फ सलमान जैसे दिखते हैं, बल्कि पाकिस्तान में इंटरनेट पर उनकी फॉलोइंग भी सलमान जैसी ही है। उनके बोलने-चलने का स्टाइल भी सल्लू मियां जैसा है।

यंग सलमान दिखने वाले हसनैन ने बॉडी भी सलमान खान जैसी ही बनाई हुई है। यही वजह है कि उन्हें इंडियन ऐक्टर सलमान खान के पाकिस्तानी फैन्स से बहुत वाहवाही मिल रही है। लोग वहां उनके साथ हाथ मिलाते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और उन्हें बिल्कुल ऐक्टर की तरह ही ट्रीट करते हैं।

पाकिस्तान के एक टीवी चैनल ने हसनैन का परिचय देते हुए कहा, 'अगर आप सलमान खान, द सुपरस्टार, से मिलना चाहते हैं तो उसके लिए आपको इंडिया जाने की जरूरत नहीं।' लेकिन हर कोई हसनैन के सल्लू ऐक्ट से इम्प्रेस नहीं है। पाकिस्तान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र ने हमें बताया, 'इस लड़के ने सलमान के साथ अपनी शारीरिक समानता को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया है। इसने हाल ही में अपना हेयरकट बदला है, ताकि वह इस समानता को पूरा कर सके। वह सलमान को कॉपी करता है। उसने सलमान की तरह चलना और बोलना भी शुरू कर दिया है।'

ऐक्ट्रेस जूही चावला के अंकल और पाकिस्तान में लीडिंग डिस्ट्रिब्यूटर सतीश आनंद, जो 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' डिस्ट्रिब्यूट कर रहे हैं, का कहना है, 'सलमान के इस ड्यूप्लिकेट के बारे में कोई चर्चा नहीं है। कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। ज्यादा से ज्यादा यह कैमियो हासिल कर सकता है। ड्यूप्लिकेट्स आते और जाते हैं। आपके स्टार को इससे कोई डर नहीं- न ही गंभीर, न ही हल्का।'

ऐश्वर्या अपने आइटम डांस से करेंगी सबको कायल

Aishwarya rai bachchan
अब ऐश्वर्या अपने आइटम डांस से करेंगी सबको कायल
मुंबई। ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल है जिनके चाहने वालों की लिस्ट में कभी भी कोई कमी नहीं हुई है। ऐश्वर्या राय के शादी करके बच्चन परिवार का हिस्सा बन जाने के बाद भी लोग उन्हें फिल्मी पर्दे पर अभिनय करते देखने के लिए तरसते हैं। बस अब और इंतजार नहीं ऐश्वर्या राय बच्चन जल्द ही संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म 'रामलीला' में आइटम डांस करते हुए नजर आएंगी जिसमें अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
बॉलीवुड के सूत्रों का कहना है कि मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली को ऐसा लगता है कि उनकी फिल्म 'रामलीला' में आइटम नंबर के साथ न्याय केवल ऐश्वर्या राय बच्चन कर सकती हैं। वैसे ऐश्वर्या पहले भी संजय लीला भंसाली के निर्देशन में 'निम्बो ड़ा' 'ढोली तारो' और 'डोला रे' जैसे कई सुपरहिट डांस नंबर कर चुकी हैं। यदि आइटम नंबर की बात की जाए तो फिल्मो 'बंटी बबली' के आइटम सांग 'कजरा रे' पर आइटम डांस करके ऐश्वर्या राय बच्चन ने हजारों दर्शकों को अपना कायल बना लिया था।
ऐसा लगता है कि जैसे आजकल बॉलीवुड में एक नया ट्रेंड आ ग्या है जिसमें अपने समय में हिट रह चुकी एक्ट्रेस सालों बाद बॉलीवुड में आइटम सांग के जरिए कमबैक करती है। हाल ही में सिल्वर स्क्रीन से दूर रही अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने अयान मुखर्जी की फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के आइटम सांग आगरा से घाघरा में आइटम डांस करके फिर से अपने चाहने वालों को अपना कायल बना लिया। फिल्म 'आजा नच ले' से माधुरी दीक्षित ने सिल्वर स्क्रीन पर कमबैक तो किया पर उनके प्रशंसकों की तारीफ उन्हें आइटम सांग 'आगरा से घाघरा' के बाद ही मिली। ऐश्वर्या राय बच्चन से भी लोगों को माधुरी दीक्षित जैसी ही कुछ उम्मीदें हैं कि वो फिर से एक बार बॉलीवुड में अपना मुकाम बना पाएंगी।

अमेरिका में चार साल का बच्चा दोबारा बना मेयर

mayer in america
कमाल कर दिया! अमेरिका में चार साल का बच्चा दोबारा बना मेयर
न्यूयार्क। यकीन नहीं होगा, लेकिन यह हकीकत है। अमेरिका में एक छोटे से शहर के मेयर पद पर चार साल का नन्हा बालक दोबारा काबिज हुआ है, जो अभी तक प्री-स्कूल भी पूरा नहीं कर पाया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, चार वर्षीय राबर्ट 'बॉबी' टफ्ट्स रविवार को मिनेसोटा के छोटे से कस्बे डोर्सेट का मेयर पुन: निर्वाचित हुआ। डोर्सेट के वार्षिक उत्सव में टफ्ट्स के नाम की पर्ची निकलने पर उसे दोबारा कस्बे का मेयर घोषित किया गया। इसके पहले जब वह पहली दफा मेयर चुना गया था तब उसकी उम्र महज तीन वर्ष थी।
पर्यटक स्थल डोर्सेट की कुल आबादी मात्र 22 से 28 लोगों के बीच रहती है। इस छोटे से कस्बे में कोई स्थानीय शासन नहीं है जिसके कारण यहां के लोगों की जब इच्छा होती है तब वे नये मेयर का चुनाव कर लेते हैं, वह भी महज एक डॉलर (करीब 60 रुपये) खर्च कर। इसके लिए स्टोरों पर मतदान बाक्स रख दिए जाते हैं और मतदान से इकट्ठा हुई धनराशि की मदद से कस्बे के लोगों के लिए उत्सव का आयोजन किया जाता है। मेयर के रूप में बॉबी का पहला साल काफी सफल रहा। इस दौरान उसने समर वॉक से 750 डॉलर (45 हजार रुपये) इकट्ठा किए।

इस छोटी सी बच्ची ने किया कमाल, आइंस्टीन को भी छोड़ा पीछे

Einstein
इस छोटी सी बच्ची ने किया कमाल, आइंस्टीन को भी छोड़ा पीछे
लंदन। ब्रिटेन में एक स्कूली छात्रा ने बुद्धिमत्ता के मामले में भौतिक शास्त्र के महारथी वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और भौतिकविद् स्टीफन हॉकिंग को मात दे दी है।
ब्रिटिश मेनसा के प्रवक्ता ने बताया कि 11 वर्षीय केरिस कुकसामी पारनेल ने मेनसा आइक्यू टेस्ट में 162 अंक हासिल किए। वह हॉकिंग, आइंस्टीन और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से ज्यादा बुद्धिमान है, जिनका आइक्यू स्तर 160 है।
छठी कक्षा में पढ़ने वाली पारनेल ने मेनसा आइक्यू प्रतियोगिता में हिस्सा अपने पिता से ज्यादा अंक हासिल करने के लिए लिया था, जिन्होंने 142 अंक हासिल किए थे। डेली एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पारनेल ने न केवल अपने पिता से बल्कि टेस्ट में मिलने वाले सर्वाधिक 162 अंक हासिल किए हैं।' नार्थहैंपटन निवासी पारनेल ने गत 27 जुलाई को परीक्षा दी थी। वह यह टेस्ट देने वाली सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक हैं। पारनेल ने कहा, 'टेस्ट देने का मेरा मकसद अपने पिता से ज्यादा अंक हासिल करना था, लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं इतने ज्यादा अंतर से जीत जाऊंगी।' वह एक बैंकर बनना चाहती हैं। उल्लेखनीय है कि जिंदा रहते हुए आइंस्टीन ने कभी आइक्यू टेस्ट नहीं दिया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका आइक्यू स्तर 160 के करीब था।

बर्गर-चाय की प्याली की तरह दिखती है कार

Sudhakar Yadav
बर्गर-चाय की प्याली की तरह दिखती है कार
इस विशुद्ध भारतीय कार की खूबी यह है कि यह कार जैसी तो बिल्कुल भी नहीं दिखती। यह बनाई कुछ इस तरह गई है कि शायद आप इसे खाने-पीने, इस पर सोने, पढ़ाई करने के लिए उपयोग करना या इससे क्रिकेट या फुटबॉल खेलना चाहें। इस कार के लिए कोई निश्चित आकार, रंग या बैठने की सीट नहीं है। आप जैसा चाहेंगे यह कार वैसी ही दिखती है। आपको बर्गर बहुत पसंद है, इस कार को बर्गर बनाकर रख सकते हैं। चाय के दीवाने हैं, यह कार चाय की प्याली बन जाएगी। क्रिकेट बहुत पसंद है, आप इसे बैट-बॉल बनाकर रख सकते हैं। आपको फुटबॉल बहुत पसंद है, इसे फुटबॉल के आकार में सड़कों पर चला सकते हैं। सिगरेट बहुत पीते हैं, इस सिगरेटनुमा कार को आप धड़ल्ले से सड़कों पर चला सकते हैं। आप थकते बहुत ज्यादा हैं पर सफर में अपना आरामदायक दीवान बेड तो लेकर चल नहीं सकते, इसलिए यह कार आपके दीवान बेड की तरह ही दिखती और उतनी ही आरामदायक है। इसे चाहें तो अपने सोने के कमरे में डबल बेड के रूप में सजाएं या आधी रात में इसे चलाकर सड़कों पर निकल जाएं। ये कहानियां नहीं कारें हैं असली कारें, जिन्हें आप कार की तरह सड़कों पर चला सकते हैं पर बैट-बॉल, कप-प्लेट, बर्गर, सिगरेट, फुटबॉल, दीवान बेड, सोफा, झूला, स्टडी टेबल, कैमरे की तरह दिखने वाली ये कारें कहीं से भी आपको कार की तरह नहीं दिखेंगी। आपने महंगी से महंगी गाडि़यां देखी होंगी पर ऐसे अजूबे कार शायद कभी न देखे हों।
भारत में मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले सुधाकर यादव को बचपन से ही कारों का बहुत शौक था। पर आज वह उल्लेखित इसलिए हैं क्योंकि उनकी पसंद सिर्फ कार नहीं थी, उन्हें रोजाना उपयोग की जाने वाली चीजों जैसी दिखने वाली कारें चाहिए थीं। अब आपके डबल दीवान बेड की तरह दिखने वाली कारें तो मिलती नहीं और उन्हें वैसी ही कार चाहिए थी। इसलिए उन्होंने अपनी पसंद की कार खुद बनाने की सोची। 14 साल की उम्र से ही उन्होंने कारें बनानी शुरू की थीं। बड़े होकर श्री सुधाकर का यही शौक एक प्रकार से उनका काम बन गया। आज उनकी बनाई 700 से अधिक कारें ऐसी ही अजीबोगरीब और लोगों के लिए कौतुहल का विषय हैं। कई लोगों ने सुधाकर से ऐसे कार उनके लिए बनाने का अनुरोध किया पर सुधाकर इन कारों को पेशेवर रूप से बेचना नहीं चाहते। इसलिए 700 की बड़ी संख्या में अपने सभी नायाब आकारों वाले इन कारों के लिए इन्होंने एक संग्रहालय बनाया है। सुधा कार संग्रहालय के नाम से इनका यह संग्रहालय अंतरराष्ट्रीय स्तर भी अपनी पहचान बना चुका है। इस संग्रहालय में आने के लिए एक हजार पाउंड (लगभग 90 हजार रुपए) की फीस है। इसलिए हर किसी के लिए इन कारों को देखना संभव तो नहीं है पर ऐसे कारों की कल्पना भी शायद हर किसी के लिए रोमांचक होगी।

बस एक गीयर के साथ उड़ चलेंगे..

Terrafugia

ट्रैफिक की परेशानियां नहीं, ट्रैफिक का कोई नियम नहीं, सब बस अपनी मरजी, अपनी सुविधा से, जैसे चाहो करो, सारा आसमान फिर आपका ही है। आप सोचेंगे, जरा हटके में ये बेतुकी बातें कहां से आ गई। पर जनाब, जरा रुकिए..सोचिए तो कि आखिर शब्द इशारा क्या कर रहे हैं! ये इशारा है आपके सपनों को पंख लगाने की तरफ। आपकी परेशानियों का एक रोमांचक हल ढूंढ़ने की तरफ, उन परेशानियों का हल जिससे आप रोज जूझते हैं पर कोई भी आपकी परेशानी को परेशानी समझने की जहमत नहीं उठाता। आप रोज इसके दर्द से कराहते हैं पर कोई इसे आपका दर्द मानता ही नहीं!
अमेरिका के ओश्कॉश में लोग आजकल उड़ने वाली कार का ऑर्डर दे रहे हैं। जी हां, उड़ने वाली कार। पिछले साल इस प्रोजेक्ट की घोषणा करने वाली टेराफ्यूजिया कंपनी ने पिछले सप्ताह यहां इस कार का प्रदर्शन किया। इस कार की खासियत यह है कि इसे उड़ाने या रखने के लिए आपको कोई मशक्कत करने की जरूरत नहीं है। आम कारों की ही तरह आप इस कार का रख-रखाव भी कर सकते हैं। उड़ने के लिए भी आपको हवाई जहाज की तरह रन-वे की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप इसे रोड पर आम कारों की तरह ही चला सकते हैं। पर कई बार ऐसा होता है कि लंबी ट्रैफिक के कारण आप समय पर कहीं पहुंच नहीं पाते। बीच ट्रैफिक में आपको लगता है कि काश इसके बीच से उड़कर जा सकते!
यह कार कुछ ऐसी ही सोच को हकीकत में बदलती है। अगर कभी ऐसा हुआ कि आप लंबी ट्रैफिक में फंस जाएं, तो इस कार से आप चाहें तो बीच ट्रैफिक से उड़कर जा सकते हैं। इसके लिए आपको हवाई जहाज की तरह रन-वे पर दौड़ने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। इसलिए लोगों को यह कार बहुत लुभा रही है। कंपनी ने पिछले साल इसका खाका पेश किया था और अब 2015 तक इस कार को पेश करने जा रही है। इसके लिए उसने ऑर्डर लेने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी 10 हजार डॉलर की इसकी कीमत को देखते हुए सड़कों पर बहुत ज्यादा दिखने के आसार कम हैं। पर सोचना ही कितना रोमांचक है, आसमान में कारें दौड़ेंगी! शायद कल को आपके पास भी ऐसी एक कार हो।