Thursday, March 3, 2011

जैसी है भाग्यरेखा, वैसे ही होगी आपकी किस्मत


कोई व्यक्ति जीवन में कितना सफल होगा, कितनी सफलताएं प्राप्त करेगा, उसका जीवन कैसा होगा... इस तरह के सभी प्रश्नों के उत्तर हाथों की रेखाओं के अध्ययन से प्राप्त हो जाते हैं। व्यक्ति कितना भाग्यशाली है यह बताती है भाग्य रेखा।कहां होती है भाग्य रेखा-भाग्य रेखा मुख्यत: जीवन रेखा, मणिबंध, चंद्र क्षेत्र, मस्तक रेखा अथवा हृदय रेखा से प्रारंभ होती हैं। यह रेखा हथेली के मध्य क्षेत्र में होती है। सामान्यत: भाग्य रेखा मणिबंध से ऊपर की ओर जाती है। इस रेखा की समाप्ति शनि क्षेत्र (मीडिल फिंगर के नीचे का क्षेत्र) पर होती है।
(जीवन रेखा, मणिबंध, चंद्र क्षेत्र, मस्तक रेखा, हृदय रेखा से संबंधित लेख पूर्व में प्रकाशित किए जा चुके हैं।)
- यदि भाग्य रेखा मणिबंध से प्रारंभ होकर शनि क्षेत्र तक गई हो और दोष रहित है तो वह व्यक्ति अति भाग्यशाली होता है। ऐसे व्यक्ति पूरे जीवन सफलताएं प्राप्त करता हैं।- यदि भाग्य रेखा जीवन रेखा से प्रारंभ हो तो वह व्यक्ति अपनी खुद की मेहनत से धन प्राप्त करता है।- यह रेखा चंद्र क्षेत्र से प्रारंभ हुई हो तो वह व्यक्ति दूसरों की मदद या प्रोत्साहन से सफलता प्राप्त करता है।- यदि चंद्र से निकलकर कोई अन्य रेखा भाग्य रेखा के साथ-साथ चले तो उस व्यक्ति की शादी अत्यंत धनी परिवार में होती है। वह किसी स्त्री की मदद से सफलताएं प्राप्त करता है।- यदि भाग्य रेखा गुरु पर्वत पर जा पहुंचे तो वह व्यक्ति कई उपलब्धियां प्राप्त करता है।- यदि यह रेखा हथेली को पार करते हुए मध्यमा (मीडिल फिंगर) तक जा पहुंचे तो वह अशुभ योग दर्शाती है। ऐसा व्यक्ति खुद की गलतियों से हानि उठाता है।- यदि भाग्य रेखा किसी स्थान पर जीवन रेखा को काट दे तो उस आयु में व्यक्ति को कोई अपमान या कलंक झेलना पड़ सकता है। इस आयु में व्यक्ति की स्थिति बहुत बुरी हो जाती है और जीवन पर संकट आ जाता है।- यह रेखा हथेली के प्रारंभ से जितनी दूरी से शुरू होती है व्यक्ति का भाग्योदय उतना ही विलंब से होता है।- भाग्य रेखा हृदय रेखा पर रुक जाए तो व्यक्ति प्रेम संबंध के कारण असफलताएं प्राप्त करता है। परंतु यह रेखा हृदय रेखा के साथ गुरु पर्वत जा पहुंचे तो वह व्यक्ति प्रेम संबंध से सफलताएं प्राप्त करता है।- भाग्य रेखा टूटी हुई या अन्य रेखाओं कटी हुई हो तो वह भाग्यहीनता का संकेत देती है। इस रेखा पर द्विप चिन्ह या अन्य चिन्ह भी अशुभ होते हैं।- दो भाग्य रेखा बहुत शुभ होती है।
- यदि यह रेखा मस्तिष्क रेखा पर रुक जाए तो व्यक्ति खुद की गलती से असफलताएं प्राप्त करता है।

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