Thursday, January 27, 2011

ये अश्लीलता नहीं है..कलाकारी है




रचनात्मकता और कलाकारी की कोई हद नहीं होती। जिन चीजों को कुछ लोग अश्लील कहकर नकार देते हैं वो कई अन्य के लिए कलाकारी का नायबा नमूना हो सकती हैं।फैशन की दुनिया में भी नित नए-नए बदलाव आते रहते हैं और नई-नई तरह की ड्रैसेज चलन में आती रहती हैं। कुछ साल पहले कपड़ों पर पैंट कर उन्हें ट्रांस्पेरेंट दिखाने का चलन शुरु हुआ था। कपड़ों के ऊपर अंडरवियर पैंट कर दिए जाते हैं जिससे देखने वाले को ऐसा अहसास होता है कि ट्रांस्पेरेंट कपड़ा पहना गया है और अंदर के हिस्से दिखाई दे रहे हैं।कुछ आर्टिस्ट तो इसे इतना सटीक पैंट करते हैं कि यकीन ही नहीं होता की यह पैंटिंग है बल्कि ऐसा लगता है कि सचमुच ट्रांस्पेरेंट कपड़ा पहना गया है।

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