Tuesday, January 25, 2011

भारतीय मूल के अमेरिकी को 32 साल की सजा


वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी और पूर्व बी- 2 लड़ाकू बमवर्षक इंजीनियर नौशीर गौवाड़िया को अमेरिका की एक संघीय कोर्ट ने चीन को गोपनीय सैन्य सामग्री बेचने के मामले में 32 साल की सजा सुनाई है।66 वर्षीय गौवाड़िया पिछले पांच साल से जेल में ही हैं। सहायक अमेरिकी अटार्नी केन सोरेनसेन ने बताया कि हमें इस बात को लेकर थोड़ी निराशा है कि कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा नहीं सुनाई। यह ऐसी सजा होती जिससे एक संदेश जाता, लेकिन 32 साल भी कोई कम नहीं है और उचित सजा है। चीन द्वारा अपने नए जे 20 लड़ाकू विमान की परीक्षण उड़ान संचालित किए जाने के कई सप्ताह बाद मुंबई में पैदा हुए गौवाड़िया को यह सजा सुनाई गई है।मुख्य अमेरिकी जिला जज सुसेन ओकी मोलवे ने जब सोमवार को सजा सुनाई तो गौवाड़िया के चेहरे पर कोई भाव नहीं था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि गौवाड़िया ने लड़ाकू विमान के अग्रिम हिस्से को डिजाइन करने में चीन की मदद की जिससे मिसाइल कम गर्मी छोड़ता है और दुश्मन के इंफ्रारेड डिटेक्टर को इसका पता लगाने में मुश्किल होती है। आरोप है कि इसके लिए गौवाड़िया को दो साल में एक लाख दस हजार डालर की राशि मिली। पिछले साल अगस्त में एक अमेरिकी संघीय ज्यूरी ने गौवाड़िया को 14 मामलों में दोषी ठहराया था।

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