अञ्जुको सम्बन्ध बिच्छेद !

अञ्जुले मनोजसँग सम्बन्धबिच्छेदका लागि एक कानुन ब्यबसायीसँग परामर्श गरिरहेकी छन् ।

टीचर के टॉपलेस फोटो ने मचाया तूफान

ब्रिटेन के नामी हैरो स्कूल की एक आर्ट टीचर के टॉपलेस फोटो ने तूफान मचा दिया है। आर्ट टीचर जोएन सैली के ये उत्तेजक फोटो स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

सेक्स डॉल ने बढ़ा दी सायरस की परेशानी!

किसी की लोकप्रियता और खूबसूरती का इससे भद्दा इस्तेमाल और क्या हो सकता है कि उसके नाम और पहचान पर सेक्स डॉल की बिक्री शुरु कर दी जाए।सिंगर माइले साइरस के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है।

अब नही देख पाएंगे पोर्न साइट्स

चीन में 62 ऐसी वेबसाइटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है

लांच हुआ दुनिया की सबसे बड़ी साइज का ब्रा

ब्रिटेन की एक कंपनी ने दुनिया की सबसे बड़ी साइज का ब्रा लांच किया है।

Monday, December 12, 2016

Hedge Funder Offered $75,000 to His Girlfriend for Abortion


Ron Ozer and Elmira Naymark first met in 2013, according to court documents, and as reported by the New York Post. In what amounted to a whirlwind romance, the couple traveled together, wined, and dined, met each other’s families, and spent two and a half years growing closer. All that apparently ended when Naymark discovered she was pregnant in January of this year. That was when Ozer reportedly offered her tens of thousands of dollars to terminate her pregnancy, amid other messages, calling her “white trash” and telling her “I f***ing hate you.” He reportedly made the cash payment offer through a colleague. The Post reports that the colleague told Naymark, “He’d be willing to offer a lump sum of money to you . . . I’m sure he would have no problem with 50k-75,000+.” Naymark has filed court papers and is suing Ozer for child support, a paternity test, and full legal custody of the baby girl she gave birth to in September, among other claims. Court documents also state that Naymark has had to resort to Medicaid and food stamps to help her get by while she waits for Ozer to accept his responsibility.

कभी इस सिंगर के पास नहीं थे खाने को पैसे, ठेले वाले ने छील ली थी प्लेट!!


सूफी गायक हंसराज हंस हाल ही में बीजेपी में शामिल हो गए। हंस ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी जाॅइन की। इससे पहले वे फरवरी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। उनके जीवन का एक रोचक वाकया है। दरअसल,उनकी दो कैसेट्स ही रिलीज हुई थीं। इतने लोग जानते भी नहीं थे। दिनभर के भूखे एक दिन शाम को चले गए किसी ठेले वाले के पास खाना खाने। प्लेट पकड़ी और ठेले वाले से कहा-पाजी मेरे पास पैसे नहीं है। यह सुन ठेले वाले ने झट से प्लेट छीन ली।अब ठेले वाले को देते हैं दो हजार रुपए... -कई सालों बाद जब वे जाने-माने गायक हो गए। तब वे फिर उस ठेले वाले के पास गए और बोले-ये दो हजार रुपए लो। - जो कोई गरीब तुम्हारे पास आए उसे भूखा न जाने देना। तब से लेकर आज तक वह हर महीने उस ठेले वाले को दो हजार रुपए देते हैं। - सिंगर हंसराज हंस सूफी गायक हैं। उन्होंने पंजाबी फोक म्यूजिक को फिल्मों के माध्यम से देश-दुनिया में पहचान दी है। - हंसराज ने पंजाबी फोक म्यूजिक को फिल्मों के माध्यम से देश-दुनिया में पहचान दी है। - उनका जन्म गरीब सिख परिवार में 9 अप्रैल 1964 को जालंधर के पास शफीपुर में हुआ। - पिता रशपाल सिंह और मां सिरजन कौर के यहां जन्मे हंसराज का एक समय यह भी था कि उनके पास खाना खाने को पैसे नहीं होते थे। गायकी से मिला पद्मश्री - हंस बचपन से ही गायकी के शौकीन रहे। दोस्त सतनाम सिंह गिल ने उनका बहुत साथ दिया। हंस ने पहली बार कनाडा में दो शो किए जो हिट हुए। - फिर 1984 के दंगों के बाद शो कैंसिल हो गए। लेकिन उन्होंने दूरदर्शन पंजाब में प्रस्तुतियां देना शुरू किया। - इसके बाद कई कॉन्सर्ट्स में सूफी और पंजाब की लोक गायकी के जलवे बिखेरे। उन्होंने शुरुआत में संगीतकार चरणजीत आहुजा से गायकी के गुर सीखे। - स्कूली दिनों में उन्होंने तीन बार पंजाब विवि का सिंगिंग अवॉर्ड हासिल किया। - पंजाब सरकार के स्टेट सिंगर के अवॉर्ड से भी वे नवाजे गए। गायकी में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री भी मिला। इंडी-पॉप गीतों से मचाई धूम - गुरदास मान के बाद ये पहले स्थापित पंजाबी सिंगर थे,जिन्होंने पंजाब की लोक गायन शैली को बड़ा मंच दिया। - उन्होंने इंडी-पॉप गीतों में पंजाबी गायकी का फ्यूजन पेश किया जो उनके प्रशंसकों को बहुत अच्छा लगा। - इसके बाद ताे उन्होंने एक के बाद एक कई म्यूजिक एलबम लांच किए,जो बेहद लाेकप्रिय हुए। - दिल टोटे टोटे हो गया गीत ताे उनकी पहचान बन गया। उन्हाेंने पाकिस्तान में भी म्यूजिक कार्यक्रम पेश किए और अपनी गायकी का लोहा मनवाया। - उन्होंने नुसरत फतेहअली खान के साथ भी कार्यक्रम पेश किए। खासतौर पर फिल्म कच्चे धागे में उनके साथ कव्वाली गाई थी,जो बेहद सराही गई। - गायन के साथ ही उन्होंने राजनीति में भी भाग्य आजमाया। वे 2009 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर लाेकसभा में चुनकर आए। लेकिन राजनीति में आने के बाद से संगीत जगत से लगभग नदारद हो गए।

200 साल से योग मुद्रा में बैठा ये शख्स है जिंदा...


बड़े बुजुर्गो के पैर छूने पर अक्सर यही आशीर्वाद सुनने को मिलता है 100 साल जियो। लेकिन आजकल के लाइफस्टाइल में 100 साल की उम्र पानी वाकई बहुत बड़ी बात है। ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि एक व्यक्ति 200 साल से योग की मुद्रा में बैठा है तो आप क्या कहेंगे। सूत्रों के अनुसार मंगोलिया के उलन बेटर नाम के सबसे बड़े शहर में ध्यान की मुद्रा में बैठा एक 200 साल पुराना व्यक्ति मिला है। वो एकदम ममी जैसा हो गया है। ध्यान की मुद्रा में बैठा यह व्यक्ति वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी पहेली बन चुका है। वैज्ञानिक भी यह पता नही कर पा रहे हैं कि यह जिंदा है या मृत। इस ममी को अध्ययन के लिए उलन के ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट सेंटर में भेज दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ मंगोलियन इंस्ट्टयूट ऑफ बुद्धस्टि आर्ट के फाउंडर गैंगोविन पुरेबात का कहना है कि जिस तरह से ये लामा बैठा हुआ है। वो मुद्रा बताती है कि लामा जिंदा है। वो कहते हैं कि लामा तुकदाम की मुद्रा में है। ये वो पोजिशन होती है जब कोई गहरे ध्यान या मुद्रा में चला जाता है। आपको बता दें कि डीप मेडिटेशन कहे जाने वाला ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भारत में कई साधु-बाबाओं को ऐसा कहा जाता है कि वो मरे नहीं हैं और जड़ होने के बाद भी जिंदा हैं।

पाकिस्तान में मोची का काम करने वाले ने लिख डाली 5 किताबें..


मुनव्वर शकील के इस बुलंद हौंसले को आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है। इनकी लिखी 5 किताबों के लिए इन्हें पुरस्कार भी मिल चुके हैं। पाकिस्तान के फैसलाबाद में एक छोटे से कस्बे रोडाला में रहते हैं शकील। अपने जीवनयापन के लिये शकील सुबह अखबार बांटते हैं और सारा दिन सड़क के किनारे मोची का काम करते हैं। लेकिन जज्बा ऐसा कि 5 किताबें लिख सबके लिये एक मिसाल बन गये। मुनव्वर शकील के इस बुलंद हौंसले को आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है। इनकी लिखी 5 किताबों के लिए इन्हें पुरस्कार भी मिल चुके हैं। लेकिन आपको हैरानी इस बात से ज्यादा होगी कि5 किताबें लिखने वाले इस मोची ने कभी स्कूली शिक्षा नहीं ली है। बचपन में ही पिता का साया उनके ऊपर से उठ जाने के कारण मुनव्वर ने क भी स्कूल का मुंह तक नहीं देखा। लेकिन पढऩे-लिखने के शौकिन मुनव्वर ने 13 साल की ही उम्र में अपनी पहली कविता लिख डाली और इस कविता के प्रकाशन के लिए रोज 10 रुपए जोडऩा शुरु कर दिया। इस तरह एक-एक पैसा जोड़कर उन्होंने 2004 में अपनी पहली बुक प्रकाशित करवा ली। पंजाबी भाषा में लिखी गई उनकी लेखनी काफी दर्द और संघर्षों से भरी हुई है। अपनी किताबों में उन्होंने समाज से अलग जीवन जीने वाले तबकों के दर्द और संघर्ष को दर्शाया है। उनकी कविताएं अक्खां मिट्टी हो गइयां, परदेस दि संगत, सोचसमंदर, आदि हैं।

शादी से पहले दूल्हा हुआ प्रेगनेंट.....


हर रोज दुनिया में लाखों जोड़े शादी करते हैं पर यह एक ऐसी अनोखी शादी है जिसका दुनिया भर में खबर बनना लाजमी है। इस शादी की खास बात यह है कि इसमें दूल्हा!!!! हर रोज दुनिया में लाखों जोड़े शादी करते हैं पर यह एक ऐसी अनोखी शादी है जिसका दुनिया भर में खबर बनना लाजमी है। इस शादी की खास बात यह है कि इसमें दूल्हा 8 महीने का प्रेगनेंट है। चौंक गए न! चलिए आपको इस अनोखी शादी के पीछे का अनूठा किस्सा बताते हैं। दरअसल argentina में हुई इस खास शादी में दूल्हा एलेक्सिस ताबोरदा जन्म से महिला है और दुल्हन कैरेन ब्रूसलेरियो जन्म से पुरुष पर बाद में इस जोड़े ने अपना सेक्स चेंज करवाया, पर खास बात यह है कि इनमें से किसी ने अपना जेंडर बदलवाने के लिए सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी नहीं करवाई है। यानी उन्होंने अपनी पहचान केवल बाहरी रूप से बदली है अंदरूनी रूप उन दोनों का जेंडर अभी भी वही है जिस जेंडर में उन्होंने जन्म लिया था। खैर एलेक्सिस अब खुद को पुरुष कहते हैं और कैरेन खुद को महिला और इनका कानूनी स्टेटस भी अब यही हो चुका है। एलेक्सिस और कैरेन दोनों ही ट्रांससेक्शुअल ऐंड ट्रांसजेंडर राइट्स एक्टिविस्ट हैं। इन दोनों की मुलाकात argentina की राजधानी ब्यूनस आयर्स में हुई जहां दोनों ट्रांससेक्शुअल ऐंड ट्रांसजेंडर राइट्स के लिए लड़ रहे थे। 2010 में argentina समान सेक्स वाले जोड़े को शादी की इजाजत देने वाला लैटिन अमेरिका का पहला देश बना। 2 साल बाद एक अन्य कानून के द्वारा ट्रांससेक्शुअल्स के लिए नेशनल आईडी पाने का रास्ता भी खुल गया। नए आईडी के तहत ट्रांससेक्शुअल व्यक्ति अपने लिए वह जेंडर चुन सकता था जिससे वह खुद को पहचाना जाना चाहता है। असल में इस कानून के कारण ही इस ट्रांससेक्शुअल कपल का सिविल मैरिज करने का सपना पूरा हो पाया है। 26 साल के ताबोरदा जो कि कानूनन अब पुरुष हैं, कहते हैं कि, हमारी पहले कैथलिक चर्च में शादी की इच्छा थी और हमने अजर्ेंटीना मूल के पोप फ्रैंसिस को ईमेल भी भेजा था, मगर कोई रेस्पॉन्स नहीं आया है. फिलहाल मैं 33 हफ्तों का प्रेगनेंट हूं, मगर मातृत्व का एहसास बहुत ज्यादा नहीं है। हां, कैरेन जरूर बच्चे की किक और मुझे महसूस हो रहे लक्षणों को महसूस करना चाहती है। इस अनोखी सिविल मैरिज में दोनों के परिवार वालों ने भी पूरे उत्साह के साथ शिरकत की। ताबोरदा 22 दिसंबर को ऑपरेशन से अपने पेट में पल रही बच्ची को जन्म देंगे। इस जोड़े का कहना है कि वे बच्ची का नाम जेनेसिस एंजेलिना रखेंगे।

दहेज में मिलेंगे 1200 करोड, फिर भी इस शादी से क्यों डर रहे हैं लड़के??


सेसिल चाओ जे सुंग हांगकांग में कई जहाजों के मालिक और प्रॉपटी डेवलर हैं। इस पिता ने अपनी बेटी से शादी करने वाले को तकरीबर 1200 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा है। हांगकांग में रहने वाले इस पिता को भी अपनी बेहद खूबसूरत बेटी के लिये एक सुयोग्य वर की तलाश है। पिता ने बेटी से शादी करने वाले को करोड़ों रुपए देने का प्रस्ताव भी दिया है लेकिन फिर भी कोई लड़का उसकी बेटी से शादी करने को तैयार नही है। सेसिल चाओ जे सुंग हांगकांग में कई जहाजों के मालिक और प्रॉपटी डेवलर हैं। 77 वर्षीय सेसिल चाओ की बेटी का नाम जिनि चाओ है। इस पिता ने अपनी बेटी से शादी करने वाले को तकरीबर 1200 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा है। आपकी जानकारी के लिये बता दें कि यह दूसरी बार है जब यह लड़की मीडिया में छाई हुई है, ठीक 4 साल पहले भी वह अपनी शादी की बात को लेकर चर्चा में रह चुकी है। दरअदहेज में मिलेंगे 1200 करोड, फिर भी इस शादी से क्यों डर रहे हैं लड़के?? हांगकांग में रहने वाले इस पिता को भी अपनी बेहद खूबसूरत बेटी के लिये एक सुयोग्य वर की तलाश है। पिता ने बेटी से शादी करने वाले को करोड़ों रुपए देने का प्रस्ताव भी दिया है लेकिन फिर भी कोई लड़का उसकी बेटी से शादी करने को तैयार नही है। दरअसल चीन के अरबपति बिजनेसमैन सेसिल चाओ ने 4 साल पहले अपनी बेटी से शादी करने की बात की थी और कई लड़कों से भी मिलवाया था लेकिन लड़की ने सभी लड़कों को रिजेक्ट कर दिया। जब बेटी से इसका कारण पूछा गया तो उसका जवाब सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गयी। बेटी ने कहा कि उसे लड़के नही लड़कियां पसंद है वह लेस्बियन है और पिछले 6 सालों से किसी लड़की से रिलेशनशिप में है। यह सुनकर पिता के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत ऐलान किया की जो उनकी बेटी से शादी करेगा उसे 400 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। रिश्ते तो बहुत आये लेकिन लड़की की सच्चाई जानकर कोई भी लड़का शादी के लिये तैयार नही हुआ। इस बात से परेशान पिता ने रकम बढ़ाकर 1200 करोड़ कर दी है। इतनी बडी रकम सुनकर तो दूर-दूर से लड़कों की लाइन लग गई है और हर लड़का जिनि को खुश करने की कोशिश में जुट गया है, लेकिन जिनि का कहना है कि वह किसी लड़के से शादी नही करेगी।

सिर्फ एक बच्ची को लेने यहां आती है ट्रेन......


जापान की यह घटना वाकई आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, यहां पर एक लड़की को स्कूल छोडऩे और वापिस घर लाने के लिए एक टे्रन रोज आती है। उस ट्रेन में उस बच्ची के अलावा न तो कोई अन्य सवारी चढ़ती है और न ही उतरती है। आमतौर पर बच्चे बस से ही स्कूल जाते हैं और अगर 2 मिनट भी बच्चा लेट हो जाये तो बस उसे छोड़कर चली जाती है। जापान की यह घटना वाकई आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, यहां पर एक लड़की को स्कूल छोडऩे और वापिस घर लाने के लिए एक टे्रन रोज आती है। उस ट्रेन में उस बच्ची के अलावा न तो कोई अन्य सवारी चढ़ती है और न ही उतरती है। उत्तर के होकाइदो द्वीप के कामी शिराताकी गांव के स्टेशन को वहां के रेलवे विभाग ने बंद कर दिया था क्योंकि वहां ज्यादा सवारियां नहीं मिलती थी। लेकिन वहां से एक बच्ची रोजाना स्कूल जाती थी। जब रेलवे ने देखा कि उस स्थान से बच्ची के स्कूल जाने के लिए अन्य कोई साधन नही है तो उन्होंने अपनी सेवा जारी रखी। अब यह टे्रन दिन में दो बार एक बार बच्ची को लेने और दोबारा उसे वापिस छोडऩे आती है। ट्रेन के समय को उस बच्ची के स्कूल के समय के अनुसार एडजस्ट किया गया है। रेलवे के अनुसार बच्ची के लिए ट्रेन की यह सेवा उसके हाई स्कूल पास करने तक जारी रहेगी।

यहां ट्रेन के लिये रोका जाता है प्लेन!!!


जीलैंड में एक ऐसा ट्रैक है जो देखने में तो काफी सामान्य है लेकिन जब इस ट्रैक पर ट्रेन और प्लेन एक साथ दौडऩा शुरू करते हैं तो देखने वाले दंग रह जाते हैं। इस संसार में बहुत सी ऐसी चीजें है जो देखने में तो बहुत सामान्य लगती है लेकिन जिनके बारे में सुनकर हम आश्चर्यचकित हो जाते हैं। जी हां, न्यूजीलैंड में एक ऐसा ट्रैक है जो देखने में तो काफी सामान्य है लेकिन जब इस ट्रैक पर ट्रेन और प्लेन एक साथ दौडऩा शुरू करते हैं तो देखने वाले दंग रह जाते हैं। आपको बता दें कि जिस एयरपोर्ट पर यह ट्रैक बना हुआ है उसके बीचों-बीच एक रेलवे ट्रैक भी गुजरता है। इस एयरपोर्ट का नाम 'गिसबोर्न एयरपोर्ट' है, जो नॉर्थ आइलैंड के पास स्थित है। यहां सुबह 6:30 से लेकर रात 8:30 बजे तक रेल मार्ग और रनवे दोनों ही बहुत व्यस्त रहते हैं। इसके बाद रात 8:30 बजे के बाद रनवे को बंद कर दिया जाता है। आपको बता दें की यह रेलवे ट्रैक रनवे के एक दम बीचों-बीच बना हुआ है। जिसके चलते ज्यादातर मौकों पर ट्रेन या प्लेन में से किसी एक को रोक दिया जाता है।

ओढऩी पर करवाई जा रही है मोबाइल नंबर की कढ़ाई, आखिर क्या है कारण???


यहां कि महिलाएं अपने शरीर पर नही बल्कि अपनी ओढऩी पर अपना नाम और करीबी रिश्तेदार का मोबाइल नंबर की कढ़ाई करवाने लगी हैं। फिल्म गजनी तो आपने देखी ही होगी इस फिल्म के मुख्य किरदार की याददाश्त बेहद कमजोर होने के कारण वह लोगों के नाम व नंबर अपने शरीर पर ही नोट कर लेता था। नाम और नंबर लिखने का ये तरीका उदयपुर के सुदूर कोटड़ा क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने भी अपना लिया है लेकिन ये भूलने की लत के कारण नही बल्कि पहचान और अपनेपन के भाव को बेहतर करने का एक तरीका है। राजस्थान पत्रिका के अनुसार यहां कि महिलाएं अपने शरीर पर नही बल्कि अपनी ओढऩी पर अपना नाम और करीबी रिश्तेदार का मोबाइल नंबर की कढ़ाई करवाने लगी हैं। ये अपनी सुविधा, खुद की पहचान और करीबी के प्रति अपनेपन का अनूठा अंदाज है। जानकारों के अनुसार समय के साथ आदिवासी क्षेत्रों में भी बदलाव की बयार बह रही है। यहां की अनपढ़ महिलाओं में अपनेपन की भावना कूट-कूटकर भरी हुई है। ऐसे में उन्होंने याददाश्त के लिए नया तरीका अपनाया है। पढ़े-लिखे लोग जहां फोन नंबर अपने मोबाइल में फीड कर लेते हैं और जरूरत पर डायल कर बात कर लेते हैं। वहीं इन आदिवासी महिलाओं ने मोबाइल नंबर संभालने के लिए ओढऩी पर ही बेटे व परिजनों के नंबर कसीदे से कढ़वा लिए हैं।

Haunted मोबाइल नंबर इसे जिसने भी खरीदा उसकी मौत हो गई.....


ऐसा एक- ही नही बल्कि तीन बार हो चुका है। यह नंबर बुल्गारिया का है। इस नंबर को भूतिया नंबर कहा जाने लगा है। इस नंबर को अब तक तीन लोगों ने खरीदा है। आपने हॉन्टेड घर, होटल, पिकनिक स्पॉटस के बारे में तो सुना होगा लेकिन हॉन्टेड मोबाइल नंबर के बारे में सुना है। जी हां, ये एक ऐसा नंबर है इसे जिसने भी खरीदा उसकी मौत हो गई। दरअसल ऐसा एक-दो बार ही नही बल्कि तीन बार हो चुका है। यह नंबर बुल्गारिया का है। इस नंबर को भूतिया नंबर कहा जाने लगा है। इस नंबर को अब तक तीन लोगों ने खरीदा है। सबसे पहले इस नंबर को मोबीटेल कंपनी के सीईओ ने खरीदा था। कंपनी के सीईओ व्लादमीर गेसनोव ने 0888888888 सबसे पहले खुद के लिए इश्यू करवाया था। इसके बाद वर्ष 2001 में व्लादमीर की मौत कैंसर के कारण हो गई। व्लादमीर के बाद इस नंबर को डिमेत्रोव नाम के एक कुख्यात ड्रग डीलर ने ले लिया। यह नंबर लेने के बाद डिमेत्रोव को वर्ष 2003 में एक रशियन माफिया ने मार गिराया था। मौत के सम6य यह नंबर डिमेत्रोव के पास ही था। डिमेत्रोव की मौत के बाद यह नंबर बुल्गारिया केएक व्यापारी डिसलिव ने खरीदा। नंबर लेने के बाद डिसलिव को भी वर्ष 2005 में बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में मार दिया गया। डिसलिव एक कोकीन ट्रेफिकिंग ऑपरेशन भी चलाता था। तीन मौतें हो जाने के बाद इस नंबर को वर्ष 2005 में हमेशा के लिये कैंसिल कर दिया गया।

Sunday, December 11, 2016

इस कुर्सी पर बैठते ही मर जाते हैं लोग....


(Thomas Busby’s Chair - A pub in North Yorkshire has a killer chair. Thomas Busby was a petty thief who enjoyed a drink so much that he had claimed a favourite seat in his local pub. In the summer of 1702 Busby got into a blazing row with his father in law who sat in the chair to annoy him. Later that night Busby broke into his father in law’s house and murdered him.) इस चेयर पर बैठने के बाद से अब तक 63 लोगों की मौत हो चुकी है। इतने लोगों की मौत के बाद इस कुर्सी को शापित घोषित कर दिया गया। जब हम खड़े-खड़े थक जाते हैं तो कुर्सी पर बैठकर हमें आराम का अनुभव तो होता ही है साथ ही हमारी थकान भी दूर हो जाती है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि आराम पहुंचाने वाली ये कुर्सी क्या
किसी की जान भी ले सकती है। जी हां ये सच है। इस चेयर पर बैठने के बाद से अब तक 63 लोगों की मौत हो चुकी है। इतने लोगों की मौत के बाद इस कुर्सी को शापित घोषित कर दिया गया। कहा जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस कुर्सी को एक पब में रखा गया था जिसे लोगों ने हॉट सीट का नाम दिया लेकिन लोगों ने गौर किया कि इस कुर्सी पर जो बैठता है वह युद्ध से कभी लौट कर नहीं आता। तभी से माना जाता है कि थॉमस ने इस कुर्सी पर दम तोड़ते समय इसे श्राप दिया था कि जो भी इस कुर्सी पर बैठेगा उसकी मौत हो जाएगी। इतने लोगों की मौत होने के बाद कुर्सी को शापित घोषित कर दिया गया। You can search as in google as following: Thomas Busby’s Chair ------- A pub in North Yorkshire has a killer chair. Thomas Busby was a petty thief who enjoyed a drink so much that he had claimed a favourite seat in his local pub. In the summer of 1702 Busby got into a blazing row with his father in law who sat in the chair to annoy him. Later that night Busby broke into his father in law’s house and murdered him.

इस होटल में जाने से हो जाता है तलाक!!!


आज हम आपको एक और दिलचस्प होटल के बारे में बता रहे हैं जहां शादीशुदा जोड़े तो आते हैं लेकिन बाहर आते ही उनके जोड़े टूट जाते हैं। देश और विदेश में होने वाली आश्चर्यजनक घटनाओं के बारे में तो हम खूब सुनते हैं लेकिन आज हम आपको एक और दिलचस्प होटल के बारे में बता रहे हैं जहां शादीशुदा जोड़े तो आते हैं लेकिन बाहर आते ही उनके जोड़े टूट जाते हैं। इसी कारण इस होटल को डाइवोर्स होटल कहते हैं। नीदरलैंड में स्थित ये होटल सुंदर नजारों से घिरा हुआ है यहां बकायदा वकील की व्यवस्था की गई है। समुद्री तटों पर शादीशुदा और प्यार करने वाले जोड़ों के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन यह एक ऐसा होटल है जहां केवल शादीशुदा जोड़े को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है। लेकिन जैसे ही वह होटल से चेक आउट करते हैं उन जोड़ों का तलाक हो जाता है। दरअसल यहां जोड़े तलाक लेने के लिए ही जाते हैं। वास्तव में बात यह है कि यहां वही जोडिय़ां आती हैं जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से परेशान हो या उनके बीच का प्यार खत्म हो गया हो। ऐसे कपल्स के लिए ही इस वेंचर की व्यवस्था की गई है। यहां इन विवाहित जोड़ों को उनका रिश्ता समझने और खत्म करने का पूरा मौका दिया जाता है।

टीवी एक्ट्रेस के साथ फ्लाइट में शर्मनाक हरकत लेकिन किसी ने नहीं की मदद!!!!


कलर्स के टीवी सीरियल उतरन में इच्छा का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस टीना दत्ता को फ्लाइट में छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा। इस दौरान कोई भी उनकी मदद को आगे नहीं आया। घटना से नाराज टीना ने फेसबुक पेज के जरिए छेड़छाड़ करने वाले शख्स और निजी एयरलाइन पर आरोप लगाए और जेट एयरवेज़ के क्रू को ग़ैरज़िम्मेदार बताया।टीना दत्ता के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक वो शुक्रवार सुबह जेट एयरवेज की फ्लाइट से मुंबई से राजकोट जा रहीं थी तभी प्लेन में बैठने के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि कोई उन्हें गलत तरीके से छू रहा है। पहले टीना को लगा कि ये हरकत कोई बच्चा कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो वहां एक अधेड़ बैठा हुआ था। टीना के मुताबिक उन्होने जब इसकी शिकायत फ्लाइट के क्रू से की तो क्रू ने उल्टा उन्हें ही शांत रहने को कहा। टीना ने फेसबुक पोस्ट के जरिए जेट एयरवेज से कुछ गंभीर सवाल किए हैं । उन्होंने पूछा, आपके पास सुरक्षा के कोई पैमाने हैं? मेरे साथ गलत हरकत हुई। मेरी सीट बदले जाने के अलावा कोई एक्शन नहीं लिया गया। मैंने जेट एयरवेज से ऐसी उम्मीद नहीं की थी। मैं इस एयरलायंस की पुरानी उपयोगकर्ता रही हूं, लेकिन अब आगे से मैं इस तरह का चांस नहीं लूंगी। सच में आज सुबह की घटना के बाद बहुत ज्यादा बुरा महसूस कर रही हूं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में यह भी लिखा है कि उनके साथ आवाज उठाने के लिए फ्लाइट में कोई भी यात्री मौजूद नहीं था। सभी सिर्फ अपनी सीटों पर बैठे तमाशा देखते रहे। उन्होंने इसे बहुत गलत बताया है। एक्ट्रेस के साथ हुई छेड़छाड़ ने फ्लाइट्स में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं पूरी घटना पर जेट एयरवेज ने सफाई दी है कि टीना की शिकायत के बाद गेस्ट की सीट बदल दी गई, और स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत क्रू जो कुछ मदद टीना की कर सकता था वो उसने की है। जेट एयरवेज ने सफाई दी कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है और इसीलिए टीना की शिकायत के बाद उसने सुरक्षा एजेंसियों को घटना की पूरी जानकारी दे दी है। Here is what teena dutta coment in facebook-- GUYS REPOST/COPY PASTE AND MAKE THIS VIRAL.. WE GIRLS NEED TO FEEL SAFE AND SECURED.. Jetairways.com Jetair Jet AirwaysJetairways of India ashamed of you and your services.. YESTERDAY morning I was travelling to Rajkot with Jet Airways 9W 7001, departure time 10:25am from Mumbai. I have experienced a horrible experience which I would like to narrate and go viral about it. I boarded my flight and was allotted seat no 30A and my manager was seated on 30C, we were discussing some work related topic when suddenly I felt that someone was trying to sneak their hands through the sides. A passenger seated on seat 31A by the name of Rajesh tried to fiddle with me and started touching me inappropriately, at first I thought it's a kid but when I turned behind I was horrified to see it was a full grown man, I yelled at him and he was stammering and was ashamed and apologised. I called for the air hostess Ms. Pooja & Mr. Abhijeet to intervene in the matter, but they were not at all helpful instead they had the audacity to tell me such things happen and they will change the mans seat. I demanded for the man to be deported but I was told that I should also deport to file a complaint, I demanded to speak to the captain after much persuasion was I allowed to speak to him, Mr. Jagjeevan Singh was not friendly his reaction was one of a disgusted person, his reply to the whole matter was, before take off they are not responsible for anything that happens post take off they would take responsibility , my question being had this happened with their family members would they still be so calm about the matter. I felt so Violated and yet no one was there to support except one family in the entire aircraft, we as Indians do not care for the safety of our fellow beings, the entire flight did not stand up for this except that family. Is there no safety measures for your passengers?? Is this how you are treated and I get to hear all sorts of excuses how the matter is not on their (captain) jurisdiction and nothing can be done and apparently this is very common in flights (according to the air hostess). Finally after much arguments I had no say as no one came forth for my help. Second incident on the same flight, while I was having my meal the passenger in front of me seated 29A reclined their seats and was not willing to budge this created difficulties for me to eat. Air hostess Diana intervened in this and requested the man to upright his seat, this man was so rude to her started yelling at her she even warned him that she would call cops on landing but it did not seem to affect him at all. All the captain had to say was this does not come under our protocol. I have some serious questions to Jet Airways, do you not have any safety measure ?? I was violated and no action was taken apart from changing the mans seat, another person yelling for no rhyme or reason! I never expected this from Jet, I've been an ardent flyer with this airways but i won't take my chances next time. Truly disgusted with the events that took place this morning. As Indians, there was no one to raise their voice, everyone sitting on their seats and enjoying the show! This is ridiculous, I wonder if this happened with their family, would they still be this calm? Serious questioning needs to be done... NO ACTION WERE TAKEN BY JET..

टूट गए हज़ारों दिल ! भाभी जी ने शादी कर ली, अब घर का क्या होगा ?


ऐसी ख़बर है कि फेमस टीवी सीरियल ‘भाभीजी घर पर हैं’ की एक्ट्रेस सौम्या टंडन ने शादी कर ली है। सौम्या ने अपने ब्वॉयफ्रेंड सौरभ देवेंद्र सिंह के साथ एक प्राइवेट समारोह में शादी की है। मुंबई टाइम्स की ख़बर के मुताबिक ये शादी कुछ दिन पहले हुई है। अख़बार के मुताबिक जब सौम्या टंडन से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "मैं इसपर किसी तरह की टिप्पणी करना नहीं करना चाहती हूं। मैं अपनी ज़िंदगी को लोगों के लिए एक सवाल-जवाब वाला सेशन नहीं बनाना चाहती। मैं अपनी निजी ज़िंदगी में क्या करती हूं यह जानने का लोगों को कोई हक़ नहीं है। मैं अपनी निजी ज़िंदगी को पब्लिक का नज़रिया नहीं बनाना चाहती।" आपको बाते दें कि पिछले साल भी ऐसी खबरें आई थीं सौम्या शादी करने वाली हैं लेकिन उस समय ये शादी नहीं हो पाई थी। ऐसी ख़बर है कि सौम्या और सौरभ एक-दूसरे को पिछले 10 सालों से जानते हैं। कुछ दिन पहले सौम्या का भी बयान आया था कि मैं बहुत खुश हूं कि सौरभ मेरी ज़िंदगी में हैं। हम दोनों अपने काम में बहुत बिजी हैं और जब भी हमें समय मिलेगा हम शादी कर लेंगे। सौरभ देवेन्द्र सिंह का होटल का बड़ा व्यवसाय है।

कैसे एक बस कंडक्टर से सुपरस्टार बने रजनीकांत ?


जहां कल्पनाएं ख़त्म होती हैं वहीं से रजनीकांत का करिश्मा शुरू होता है!!!! 12 दिसंबर 1950 को जन्में रजनीकांत एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें सिर्फ एक इंसान नहीं बल्कि एक संस्थान के तौर पर भी देखा जाता है। वो देश के सबसे महंगे फिल्म स्टार्स में से एक हैं। शिवाजी फिल्म में अभिनय के लिए जब उन्हें 26 करोड़ रुपये अदा किये गये तो वे जेकी चान के बाद एशिया के सबसे अधिक भुगतान किये जाने वाले अभिनेता बन गये। कैसे एक बस कंडक्टर से सुपरस्टार बने रजनीकांत ? दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जिनकी जिंदगी हमें प्रेरणा प्रदान करती है। साउथ में वैसे तो बहुत से जाने माने कलाकार हैं पर रजनीकांत से बड़ा सुपरस्टार आज भी साउथ के सिनेमा में नहीं है। रजनी को न सिर्फ साउथ में बल्कि हिंदी सिनेमा के दर्शक भी बहुत पसंद करते हैं जिसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की रजनीकांत की फिल्म हिंदी समझने वाले दर्शकों के लिए हिंदी में रिलीज की जाती है और साउथ के साथ-साथ बॉलीवुड में भी झंडे गाड़ती है। रजनीकांत के नाम से पहले सुपरस्टार लगाना कोई नहीं भूलता। रजनीकांत के जन्मदिन पर जानिए उनकी कहानी कैसे एक बस कंडक्टर से सुपरस्टार रजनीकांत बने कबाली? रजनीकांत का परिचय: रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर, 1950 को बेंगलुरू में हुआ था। उनका असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। उनके पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक हवलदार थे। उनकी मां का नाम जीजाबाई था जिनकी मौत के बाद चार भाई-बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत को अहसास हुआ कि घर की माली हालत ठीक नहीं है। फिर परिवार को सहारा देने के लिए रजनीकांत ने कुली का भी काम किया। बस कंडक्टर से फिल्मों तक: बाद में रजनीकांत बेंगलुरु परिवहन सेवा(बी.टी.एस) में बस कंडक्टर बन गए। एक कंडक्टर के तौर पर भी रजनीकांत का अंदाज़ किसी फिल्म स्टार से कम नहीं था| वो अपनी अलग शैली से टिकट काटने और सीटी मारने को लेकर यात्रियों और दूसरे बस कंडक्टरों के बीच खासा विख्यात थे| रजनीकांत कई मंचों पर नाटकों में एक्टिंग भी किया करते थे जिसके कारण उनका फिल्मों और एक्टिंग के लिए शौक बढ़ता ही गया जो बाद में धीरे-धीरे जुनून में तब्दील हो गया| लिहाज़ा उन्होंने अपनी कंडक्टर की नौकरी छोड़ कर चेन्नई में अद्यार फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया| एक बार इंस्टिट्यूट में एक नाटक के दौरान उस समय के मशहूर फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर की नज़र रजनीकांत पर पड़ी और वो रजनीकांत से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने नाटक के बाद ही रजनीकांत को अपनी फिल्म में अभिनय का प्रस्ताव दे डाला। जनीकांत से सुपरस्टार रजनीकांत तक का सफर: फिल्मी करियर की शुरुआत उन्होंने बालाचंदर निर्देशित तमिल फिल्म 'अपूर्वा रागगाल' से की जो 1975 में रिलीज हुई थी, एस फिल्म में रजनीकांत ने विलेन का किरदार दिया गया था। फिल्म में उनका रोले छोटा था, लेकिन इसने उन्हें आगे और भूमिकाएं दिलाने में मदद की। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था। इसके बाद 1975 में ही तेलुगू फिल्म 'छिलाकाम्मा चेप्पिनडी' में उन्हें मुख्य अभिनेता की भूमिका मिली जो हिट रही। इसके बाद रजनीकांत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होने दर्जनों हिट फिल्मों की लाइन लगा दी जिनमें बाशा, मुथू, अन्नामलाई, थालाप्ति, अरुणाचलम मुख्य थीं धीरे-धीरे रजनीकांत की फिल्मों की कामयाबी और दर्शकों के प्यार ने उन्हें 'सुपरस्टार रजनीकांत' बना दिया। बॉलीवुड फिल्मों में भी की बेहतरीन अदाकारी: रजनीकांत ने हिंदी सिनेमा में भी कई फिल्मों में काम किया और सभी फिल्में सफल रहीं जिनमें 'मेरी अदालत', 'जान जॉनी जनार्दन', 'भगवान दादा', 'दोस्ती दुश्मनी', 'इंसाफ कौन करेगा', 'असली नकली', 'हम', 'खून का कर्ज', 'क्रांतिकारी', 'अंधा कानून', 'चालबाज', 'इंसानियत का देवता' जैसी हिंदी फिल्में शामिल हैं। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। दर्शकों में सुपरस्टार रजनीकांत का क्रेज: अपनी चलने की ख़ास स्टाइल, संवाद अदायगी के साथ-साथ उनका सिगरेट जलाने का अनोखा अंदाज दर्शकों के सिर चढ़ कर बोलता था। रजनीकांत के फैन उनको भगवान की तरह पूजते हैं, उनका क्रेज उनकी उम्र के साथ-साथ बढ़ता ही जा रहा है, उनकी फिल्में देखने के लिए लोग आज भी सिनेमाघरों के बाहर दो दिन पहले से ही लाइनों में लग जाते हैं ताकि पहले दिन पहले शो का मजा ले सकें और अगर किसी कारणवश पहला शो नहीं तो कम से कम पहले दिन अपने सुपरस्टार की फिल्म का लुत्फ़ उठा सकें। सिनेमाहॉल में अब भी रजनी की एंट्री पर बजने वाली सीटियां, डायलॉग्स पर बजने वाली तालियां और विलेन को मारते वक़्त उनके एक-एक घूसों पर दर्शकों का चिल्लाना इस स्टार की अजेय शख़्शियत को दर्शाता है। रजनीकांत पर बनने वाले चुटकुले भी उनका युवाओं में क्रेज दर्शाते हैं। सभी जोक्स में रजनीकांत को एक ऐसा सुपरहीरो दर्शाया गया है जिसके लिए कुछ भी करना मुश्किल नहीं। कई फिल्मों में रजनीकांत पर गाने भी बनाये गए हैं। यूं ही नहीं रजनीकांत भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे कलाकार हैं, उनका फिल्म में होना ही फिल्म की सफलता की गारंटी बन जाता है। रजनीकांत को मिलने वाले पुरस्कार: वर्ष 2014 में रजनीकांत 6 तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड्स से नवाजे गए, जिनमें से चार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और दो स्पेशल अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर के थे। साल 2000 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 45वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया 2014 में रजनीकांत को सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म 'पर्सनेल्टिी ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया गया। हालांकि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की वजह से रजनीकांत इस बार अपना जन्मदिन बड़ी सादगी से मनाने वाले हैं लेकिन रजनीकांत ने अपने जन्मदिन से पहले ये कहकर सनसनी फैला दी है कि 1996 मेें उनके विरोध की वजह से एआईएडीएमके को तमिलनाडु में सत्ता से हाथ धोना पड़ा था।

Friday, December 9, 2016

This Bollywood Diva Shared A Rare Pic With Jayalalithaa. Post Goes Viral!


This Bollywood Diva Shared A Rare Pic With Jayalalithaa. Post Goes Viral! After the demise of Tamil Nadu Chief Minister J Jayalalithaa social media platforms were flooded with the condolence messages and tributes. After the demise of Tamil Nadu Chief Minister J Jayalalithaa social media platforms were flooded with the condolence messages and tributes. Among many tributes paid to her, Sridevi paid tribute to her a special way by sharing an old film still of herself with Jayalalithaa. Sridevi posted a still from a 1971’s Tamil devotional film Aathi Parashakti, in which Jayalalithaa played lead role and Sridevi appeared as child artist in the film as Lord Murugan. It was the only film in which Sridevi and Jayalaithaa worked together. Jayalalithaa demised on December 5 in a Chennai hospital after a prolonged illness. She was a successful actress before she turned into politician and became chief minister of Tamil Nadu. Jaya had worked in over 140 films. Here is the photograph shared by Sridevi on twitter: SRIDEVI BONEY KAPOOR ✔ @SrideviBKapoor The most articulate dignified,cultured & caring lady, lucky to have worked with her. I Along with millions of our people will miss her.

इंटरनेट पर वायरल हो गया 'बेवॉच' का ट्रेलर, देखिए प्रियंका चोपड़ा का नेगेटिव अवतार!!


काफी समय से बॉलीवुड फिल्मों से दूर देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा की पहली हॉलीवुड फिल्म ‘बेवॉच' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस ट्रेलर में प्रियंका बहुत ही कम समय के लिए नजर आई पर इस कम समय में ही वह सेक्सी लुक में नजर आ रहीं है। आपको बता दें कि यह फिल्म 1990 की टीवी सीरीज 'बेवॉच' पर बनाई गई है। प्रियंका ने जहां अमेरिकी धारावाहिक ‘क्वांटिको’ के लिए वाहवाही लूटी है, वहीं अब वह इस फिल्म में नेगेटिव भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में प्रियंका के साथ ड्वेन जॉनसन और जैक एफ्रोन जैसे कलाकार हैं। ‘हॉरिबल बॉसेस’ से नामी फिल्म डायरेक्टर सेठ गॉर्डन फिल्म का डायरेक्शन कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल 26 मई को रिलीज होगी और अब तक 3.5 लाख से ज्यादा लोग इस ट्रेलर को देख चुके हैं। To watch video you can see in youtube as"baywatch trailer"

व्हाट्स एप लेकर आया दो नए फीचर, क्या आपने किया ट्राई ?


व्हाट्स एप ने अपने एंड्रॉइड वर्जन में दो नए फीचर शुरु किए हैं। इनमे से पहला फीचर वीडियो स्ट्रीमिंग है और दूसरा एनिमेटेड जिफ इमेज का है। यह फीचर पहले सिर्फ व्हाट्स एप के बीटा वर्जन यूजर के लिए उपलब्ध था लेकिन अब यह सभी एंड्राइड यूजर्स के लिए भी होंगे। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर से व्हाट्स एप का अपडेटेड वर्जन डाउनलोड कर लें। जाने क्या है इन फीचर्स में इस फीचर में आपको वीडियो देखने के लिए वीडियो के पूरा डाउनलोड होने का इंतजार नही करना पड़ेगा। आप रिसीव किए गए वीडियो को डाउनलोड होने के दौरान ही देख सकेंगे। व्हाट्स एप में अब डाउनलोड की जगह प्ले का बटन होगा। इसके अलावा अब एंड्रॉइड पर व्हाट्स एप ऐनिमेटेड GIF तस्वीरों को भी सपॉर्ट कर रहा है। व्हाट्स एप यूजर्स अपनी गैलरी से GIF फाइल को अटैच करके भेज सकते हैं या फिर किसी और से आई तस्वीर को भी फॉरवर्ड कर सकते है।

मां ने ठंड में मरने के लिए फेंका, अब सात समंदर पार मिला नया जीवन !!!!!


दरभंगा के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से एक मासूम को ब्रिटिश दंपती ने गोद लिया। मासूम को असली मां ने ठंड में मरने के लिए फेंक दिया था। लेकिन, उसे सात समंदर पार नया जीवन मिला है। मासूम नवजात को उसकी मां कड़ाके की ठंड में कचरे की ढ़ेर पर छोड़ गई थी। अब उसे सात समंदर पार नई मां मिल गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में 16 महीने की शालू को भारतीय मूल के ब्रिटिश दंपती हर्कीन कौर खाल्या व जगजीत सिंह खाल्या ने गुरुवार को गाेद लिया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उन्हें बच्ची को सौंपा। गोद लेनेवाले इंगलैंड की नागरिकता ग्रहण कर वहां के निवासी बन गए हैं। शादी के 15 साल बाद भी कोई संतान नहीं होने के कारण उन्होंने बच्ची को गोद लिया है। यह पहला मौका है जब दरभंगा के दत्तक ग्रहण संस्थान से कोई बच्ची किसी विदेशी परिवार ने गोद ली है। बच्ची की नई मां हर्कीन कौर कॉस्टयूम डिजाइनर हैं तो पिता जगजीत सिंह बीबीसी न्यूज में कार्यरत हैं। उन्होंने × गाेद लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दो वर्ष पहले कराया था। जांच के बाद उन्हें गोद लेने के योग्य पाया गया।

Thursday, December 8, 2016

60 के दशक में जब शर्मिला ने दिए बिकिनी पोज!!!!


फिल्मफेयर मैगजीन के कवर पर ऐसा था शर्मिला टैगोर का अंदाज। फिल्मफेयर मैगजीन के कवर पर ऐसा था शर्मिला टैगोर का अंदाज...... आज के दौर पर बिकिनी और स्विमसूट पहनना आम बात हैं,लेकिन 60 से 80 के दशक में बेहद कम एक्ट्रेस बिकिनी पहने कैमरे में आने के लिए तैयार होती थी। 60 के दशक में शर्मिला टैगोर पहली बार बिकिनी पहन दर्शकों के सामने आईं। शर्मिला का ऐसा अंदाज दर्शकों को रास नहीं आया और वह विवादों में फंस गईं।बनीं पहली बिकिनी गर्ल...
मिला कॉन्ट्रोवर्सी का फायदा... 1966 शर्मिला के करियर में नील का पत्थर साबित हुई। इस साल उनकी 5 फिल्में(अनुपमा,देवर,सावन की घटा,नायक,ये रात फिर न आएगी)रिलीज हुई। पांचों फिल्में में बेहतरीन परफॉर्मेंस सराही गई। सुनने पड़े थे लोगों के ताने कुछ सालों पर जब इसी फोटोशूट से जुड़ा सवाल शर्मिला से किया गया तो उन्होंने कहा था,"हे भगवान!हमारा समाज उस वक्त बहुत रूढ़िवादी था!मुझे कोई आइडिया नहीं कि मैंने ऐसा क्यों किया?कुछ ने मुझे ताने सुनाए तो बाकियों ने जबरदस्त लाइमलाइट बटोरने का आरोप लगाया। मुझे इससे नफरत है। उस वक्त मैं जवान थी और कुछ नया और एक्साइटिंग करना चाहती थी।"